बंकिम चन्द्र का लिखा 'वंदे मातरम्' गीत भर नहीं है, भारतीय संस्कृति का नाद है। आजादी आंदोलन का बीज मंत्र कभी यही गीत बना था। इसका संपूर्ण गायन पहले पहल 1896 में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कलकत्ता में 'राष्ट्रीय सभा' के दूसरे अधिवेशन में हुआ। बंकिमचंद्र का 8 अप्रैल 1894 को निधन हो गया। पर, तब तक उनका लिखा 'वंदे मातरम्' राष्ट्र मंत्र बन जन—जन से जुड़ गया था।

राजस्थान पत्रिका, 15 अगस्त 2026
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