'नाट्यशास्त्र : पंचम वेद पर एकाग्र' का राज्यपाल हरिभाऊ बागडे जी ने किया लोकार्पण--आभार! देवेन्द्र सत्यार्थीजी जब 'आजकल' के संपादक थे तब कहा था, लेखक से लिखवाना सबसे कठिन काम होता है। संपादन कर्म से भी निंरतर जुड़ा रहा हूं, इसलिए उनका यह कहा सदा याद आता है। नाट्यशास्त्र के विविध आयामों और इससे जुड़ी दृष्टि पर ग्रंथ संपादन का जिम्मा ले तो लिया था, पर विषय विशेषज्ञों से आग्रह कर लिखवाने में एक साल की अवधि लग गई। सभी विद्वान लेखकों के प्रति कृतज्ञ हूं।




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